Success story

Success story: सुहास गोपीनाथ एक भारतीय उद्यमी entrepreneur हैं, जो बहुराष्ट्रीय IT कंपनी Globals Incorporationग्लोबल्स इनकॉर्पोरेशन के संस्थापक, Chief Executive Officer (CEO) और अध्यक्ष हैं। कंपनी के लॉन्च के तीन साल बाद, वह 17 साल की उम्र में CEO बन गए। उस समय, वह दुनिया के सबसे कम उम्र के सीईओ थे। वह HappyEMI के CEO के रूप में भी काम करते हैं, जिसकी उन्होंने 2017 में सह-स्थापना की थी। 2010 में, उन्होंने न्यूयॉर्क सिटी इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NYCEDC) में वेंचर फेलो प्राप्त किया। 2020 तक, उनकी कुल संपत्ति $ 1 मिलियन- $ 5 मिलियन है।

सुहास गोपीनाथ का जन्म 4 November 1986 भारतीय राज्य कर्नाटक के बैंगलोर में हुआ था। उनके पिता, एक रक्षा वैज्ञानिक और माँ, एक गृहिणी थे । बचपन से ही उनका मन पशुविज्ञान मे था। एक बार वो अपने दोस्त के साथ बैठे थे तब उनके कुछ दोस्त कंप्यूटर के बारे मे बात कर रहे थे। ये वो समय था जब कंप्यूटर सिमित लोगो के पास था। इस बारे मे बात करता देख उनके मन मे भी computer सिखने की भावना जागी। इस बात का जिक्र उन्होंने अपने माता पिता से की लकिन उन्होंने कहा की अभी हम कंप्यूटर जैसी चीज़ अफोर्ड नहीं कर सकते। इस बात को ले कर सुहास बहुत दुखी हो जाते है। उनको महीने का 15 रूपए पॉकेट खर्च मिलता था तो वो अपने कॉलोनी के कैफ़े मे जा कर कंप्यूटर चला लेते थे, वे 15 रूपए मे एक बार ही नेट चला सकते थे तब उन्होंने ने धयान दिया के ये कैफ़े 1 से 4 बजे तक बंद रहता है, उन्होंने कैफ़े ओनर से बात की ,सर मै आप के नेट कैफ़े को 1 से 4 बजे तक खोले रखूगा और कस्टमर का धयान रखूगा इसके बदले मे मुझे आप नेट इस्तेमाल करने देंगे। ओनर को ये बात जम गई, इस तरह वो दोपहर के 1 से 4 बजे तक काम करने लगे, ये बात उस समय के है जब वो 12 साल के थे.अब उनके पास पर्याप्त नेट और कंप्यूटर था तो उनका झुकाओ वेब डिज़ाइन मे हुआ.और इस काम को सिखने लगते है. जब वो 13 साल की उम्र के थे तो उन्होंने ने फ्रीलांसर मार्किट मे वेब बिल्डर के रूप मे रजिस्टर किया तब उन्हें पहला वेबसाइट फ्री मे बनाना पड़ा, दूसरे वेबसाइट के लिए सुहास जी को 100 डॉलर मिले जो उनके पहली कमाई थे। यहाँ से उनको वेब डिज़ाइन मे अच्छा खासा आईडिया हो गया जिस से कई कम्पनिआ उन्हें कांटेक्ट करने लगी अभी वो मात्र 13 साल के थे। जब वे 14 साल के हुए तो US की एक कंपनी ने उन्हें पार्ट टाइम के लिए जॉब ऑफर किया पर उन्होंने ठुकरा दिया क्योकि वो खुद के कंपनी बनाना चाह रहे थे। अपनी कंपनी ग्लोबल्स इंक को US से रजिस्टर करना पड़ा क्युकी India मे 18 साल से काम उम्र का कोई भी व्यक्ति कंपनी नहीं खोल सकता और इस तरह वो 17 साल के उम्र मे दुनिया के यंगेस्ट CEO बने। सुहास जी के पहले साल का टर्न ओवर 1 लाख का था जो दूसरे साल चल कर 5 लाख का हो गया था।

उन्होंने खुद को किताबों की मदद से वेबसाइट बनाना सीखा, और मात्र 14 साल की उम्र में अपना पहला वेबसाइट  www.coolhindustan.com बनाया। उन्होंने उसी साल 2000 में अपनी कंपनी ग्लोबल्स इंक को शामिल किया। वह 17  साल की उम्र में अपनी कंपनी के सीईओ बन गए। उन्हें उस समय का एक कंपनी का सबसे कम उम्र का सीईओ माना जाता था।

2005 में, गोपीनाथ कर्नाटक के राज्योत्सव पुरस्कार के 175 प्राप्तकर्ताओं में सबसे कम उम्र के थे।

2 दिसंबर 2007 को, यूरोपीय संसद और इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर ह्यूमन वैल्यू ने यूरोपीय संसद, ब्रुसेल्स में गोपीनाथ को “यंग अचीवर अवार्ड” से सम्मानित किया।

नवंबर 2008 में, उन्हें इन देशों के छात्रों में रोजगार क्षमता बढ़ाने और आईसीटी कौशल को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका में आईसीटी को अपनाने के लिए विश्व बैंक के आईसीटी नेतृत्व गोलमेज सम्मेलन का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

उन्हें विश्व आर्थिक मंच, दावोस द्वारा 2008-2009 के लिए “यंग ग्लोबल लीडर” के रूप में घोषित किया गया था। उस स्थिति में वह दुनिया भर के विकास कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

सुहास ने अपनी औपचारिक शिक्षा वायु सेना स्कूल से पूरी की। उन्होंने रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग-बीई की पढ़ाई की।

उन्होंने आगे हार्वर्ड विश्वविद्यालय (2008-2010) से Economics, Public Leadership, नीति का अध्ययन किया। उन्होंने जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से वैश्विक नेतृत्व और सार्वजनिक नीति पर डिप्लोमा किया  है।

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