Success story

Success Story of UPPCS Topper Rahul Tripathi: जब आपके इरादे मजबूत हों तो आप किसी भी चुनौती का सामना कर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं. आज आपको ऐसे ही एक स्टोरी बताने जा रहे है जो यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर एक चपरासी से ऑफिसर बने. राहुल त्रिपाठी बेहद संघर्षों के बीच उन्होंने अपने परिवार को संभाला और यूपीपीसीएस की तैयारी भी की. आखिरकार साल 2020 में उन्होंने 43वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा कर लिया. उनकी कहानी हम सबके लिए प्रेरणादायक है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ा लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

14 साल की उम्र में बदली जिंदगी
राहुल त्रिपाठी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के रहने वाले हैं. उनके पिता जनपद न्यायालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारी थे. राहुल की उम्र महज 14 वर्ष थी जब उनके पिता की अचानक मौत हो गई. इससे उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई. राहुल पढ़ाई में काफी होशियार थे और इंटरमीडिएट में उन्होंने जिले में दूसरा स्थान हासिल किया. इसके बावजूद जब उनकी उम्र 18 वर्ष हुई, तब मृतक आश्रित कोटे के तहत उन्हें चपरासी के पद पर नियुक्ति मिली. करीब डेढ़ साल तक उन्होंने चपरासी की नौकरी की. काफी प्रयासों के बाद इंटरव्यू पास करने के बाद उन्हें तृतीय श्रेणी कर्मचारी बनाया गया. 

सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट एनजीओ ज्वाइन किया 
राहुल की 21 साल की उम्र में शादी हो गई. ऐसे में उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ गया. उनका सपना अफसर बनने का था, ऐसे में उन्होंने कुछ साल बाद नौकरी छोड़ दी और एक एनजीओ ज्वाइन कर लिया. इसके साथ-साथ वे अपनी तैयारी भी कर रहे थे. उनके सफर में उनकी पत्नी का काफी योगदान रहा. आखिरकार साल 2020 में उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा में 43वीं रैंक हासिल कर ली. 

राहुल की सलाह दूसरे कैंडिडेट्स के लिए
राहुल का मानना है कि अगर वे आर्थिक तंगी और तमाम जिम्मेदारियों के बीच यूपीपीसीएस जैसी परीक्षा को पास कर सकते हैं, तो कोई भी व्यक्ति उनकी तरह कड़ी मेहनत करके यह मुकाम हासिल कर सकता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि शादीशुदा जिंदगी और तमाम जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की और उसके बाद यूपीपीसीएस की तैयारी की. उन्होंने इस दौरान लगातार नौकरी भी की और बेहतर रणनीति की बदौलत अपना सपना भी पूरा कर लिया. 

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