बेरोजगारी दर पर : रिपोर्ट

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) ILOSTAT डेटाबेस के आधार पर सेंटर फॉर इकोनॉमिक डेटा एंड एनालिसिस (CEDA) के एक विश्लेषण के अनुसार, 2020 में भारत की बेरोजगारी दर 1991 के बाद सबसे अधिक थी।

भारत में बेरोजगारी की दर में लगातार वृद्धि हो रही है ,भारत की बेरोजगारी दर 2021 में तेजी से बढ़कर 10. 6  प्रतिशत हो गई है  , जो कि COVID-19 के प्रकोप का दूसरा वर्ष है, जबकि 2020  में 7. 11  और 2019  में 5. 27 प्रतिशत थी ।

CMIE के रिपोर्ट के अनुसार  देशव्यापी तालाबंदी (lockdown ) के दौरान अप्रैल और मई 2020 में 23% के शिखर को छूने के बाद जून 2020 में बेरोजगारी दर घटकर 10.18% हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर में वृद्धि अप्रैल में 9.78% की तुलना में मई में शहरी बेरोजगारी दर में 14.73% की उल्लेखनीय वृद्धि और अप्रैल 2021 में 7.13% की तुलना में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.63% से  है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत में अपने निकटतम पड़ोस में सबसे अधिक बेरोजगारी दर है, जबकि पडोसी देशो में, बांग्लादेश की बेरोजगारी दर 6  प्रतिशत है , इसके बाद श्रीलंका की 4.84 प्रतिशत और पाकिस्तान की 5  प्रतिशत है ।

आंकड़ो के आधार पर ,भारत की बेरोजगारी दर 2010 के बाद से अपने पड़ोसियों में सबसे ज्यादा है।

देश की बेरोजगारी दर 2008 में 5.36 प्रतिशत से बढ़कर 2010 में 5.65 प्रतिशत हो गई। 2013 तक यह बढ़कर 5.67 प्रतिशत हो गई। हालांकि, 2019 में यह दर गिरकर 5.27 प्रतिशत हो गई थी परन्तु COVID 19 के प्रकोप के कारण यह दर बढ़कर 2020 में 7. 11  और 2021 में 10. 60 हो गई।

2015 और 2019 के बीच अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी की तुलना में भारत में अधिक बेरोजगारी दर थी जबकि रिपोर्ट के अनुसार 2020 में अमेरिका की बेरोजगारी दर 8. 31 प्रतिशत थी जो की भारत की बेरोजगारी दर से अधिक थी ।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार (CMIE ) ,विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा हाल ही में किए गए लॉकडाउन  का भी भारत पर तत्काल प्रभाव पड़ा, 23 मई 2021 को समाप्त सप्ताह में बेरोजगारी दर एक साल के उच्च स्तर 14.73 प्रतिशत के करीब पहुंच गई।

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