आज की लड़कियाँ लड़को से कम नहीं है ये  साबित करके दिखाया 24 वर्षीय माव्या सूडान  जो जम्मू के राजौरी जिले के लम्बेरी गांव की रहने वाली हैं।  आईएएफ फाइटर पायलट (IAF Fighter Pilot)  के पद  पर नियुक्त होने वाली माव्या देश की 12वीं और राजौरी जिले की पहली महिला अधिकारी हैं l उन्हें पिछले शनिवार को हैदराबाद में संयुक्त स्नातक परेड समारोह के दौरान एक लड़ाकू पायलट के रूप में शामिल किया गया था l एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शनिवार को हैदराबाद के डुंडीगल में स्थित वायु सेना अकादमी में आयोजित कम्बाइंड ग्रेजुएशन पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया था l

माव्या के पिता विनोद सूडान ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे गर्व महसूस हो रहा है। अब वह सिर्फ हमारी बेटी नहीं बल्कि इस देश की बेटी है। हमें कल से बधाई संदेश मिल रहे हैं।”

इंजीनियर है बहन माव्या सूडान  की बहन मान्यता सूडान जो कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में जूनियर इंजीनियर के पद मे काम करती है, उन्होंने समाचार एजेंसी को एनआई को बताया कि अपने स्कूल के दिनों से ही माव्या का झुकाव वायु सेना की तरफ था और वह हमेशा से ही फाइटर पायलट बनना चाहती थी।  उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी छोटी बहन पर बेहद गर्व है. बचपन से उसका यही सपना था. मुझे पूरा यकीन है कि जल्द ही वह बहादुरी का पुरस्कार भी अपने नाम के साथ जोड़ेगी. यह सिर्फ एक शुरुआत है. हर कोई उसके साथ अपनी बेटी की तरह व्यवहार कर रहा है. पूरे देश से लोग उसका ना सिर्फ समर्थन कर रहे हैं, बल्कि उसे प्रेरित भी कर रहे हैं. यह हर किसी के लिए एक प्रेरणा देने वाली कहानी है.’

मां सुषमा सूडान ने कहा, “मुझे खुशी है कि उसने इतनी मेहनत की है और अपना लक्ष्य हासिल किया है। उसने हमें गर्व महसूस कराया है।” उनकी दादी पुष्पा देवी ने कहा  कि माव्या की खबर से गांव के सभी लोग खुश है। अवनि चतुर्वेदी भारत की पहली महिला लड़ाकू पायलटों में से एक है। वह रीवा जिले से है जो मध्य प्रदेश में है। उन्हें अपनी दो साथियों- मोहन सिंह और भावना कंठ के साथ पहली बार लड़ाकू पायलट घोषित किया गया था।

हमें भी अपनी बेटियों को पढ़ाकर उनके सपनो को साकार करने का अवसर देना चाहिए भारतीय वायु सेना के पायलट के लिए योग्यता क्या है?

वायुसेना महिला पायलट परीक्षा: पैटर्न केवल लघु-सूचीबद्ध (short-listed) उम्मीदवारों को एसएसबी टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। अधिकारी बनने की क्षमता का परीक्षण देहरादून, मैसूर और वाराणसी में स्थित वायु सेना चयन बोर्डों में से एक में 5-6 दिनों में मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह परीक्षण और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा।

भारतीय वायु सेना के पायलट के लिए योग्यता क्या है? IAF में पायलट बनने के लिए, उम्मीदवारों को राष्ट्रीयता के आधार पर भारतीय होना चाहिए। एनडीए परीक्षा में बैठने के लिए आवेदक को भौतिकी और गणित के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। सीडीएसई के लिए, एनसीसी स्पेशल एंट्री और एएफसीएटी उम्मीदवारों को स्नातक होना चाहिए। सीडीएस परीक्षा के लिए इंजीनियरिंग डिग्री धारक भी आवेदन कर सकते हैं।  

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