IAF success story: “जहाँ चाह है वहा राह है” आंध्र प्रदेश के विजाग जिले के गोपीनाथ ने भारतीय वायुसेना में शीर्ष पद पाकर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया हैं।गोपीनाथ दो राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भारतीय वायु सेना-IAF में फ्लाइंग ऑफिसर बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।

उनके पिता सुरीबाबू एक ऑटो-चालक है, उन्होंने बेहतर शिक्षा देने के लिए कड़ी मेहनत की और उन्हें प्रोत्साहित किया, गोपीनाथ ने भी अपनी योग्यता साबित की। उन्हें IAF में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया था और हाल ही में वायु सेना अकादमी, डुंडीगल, हैदराबाद में संयुक्त स्नातक परेड में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर और प्रेसिडेंट कमीशनिंग के प्रतिष्ठित पुरस्कार अर्जित किए। श्री गोपीनाथ ने डॉ वी.एस. कृष्णा गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज शहर में और आंध्र विश्वविद्यालय में पीजी पूरा किया।

उनके पिता सुरीबाबू पिछले 25 सालों से ऑटो ड्राइवर हैं।श्री गोपीनाथ ने कहा “मेरे पिता जी सूरी बाबू एक ऑटो-रिक्शा चालक हैं। उन्होंने हमेशा मेरे लिए कड़ी मेहनत की मेरे माता-पिता ने मुझे अच्छी शिक्षा और बेहतर करियर के लिए हर दर्द सहा और सभी कठिनाइयों का सामना किया।”

इससे पहले, सुरीबाबू इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए बैंक में एजुकेशन लोन लेने के लिए तैयार थे, गोपीनाथ ने इससे इनकार किया और एक सामान्य डिग्री का विकल्प चुना और फिर IAF के लिए तैयारी की और अपना लक्ष्य हासिल किया। अपने दादा के तरह भारतीय सेना में शामिल होने का इरादा रखते हुए, गोपीनाथ एक एयर मैन के रूप में IAF में शामिल हुए।

आंध्र विश्वविद्यालय से डिस्टेंस मोड से अपनी स्नातक डिग्री और मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद, गोपीनाथ को IAF में एक क्रिप्टोग्राफर के रूप में पदोन्नत किया गया। उन्होंने अगले स्तर को प्राप्त करने पर ध्यान लगाया और कड़ी मेहनत की।

कर्मचारी चयन आयोग(Staff Selection Commission) की परीक्षाओं में क्वालीफाई करने के बाद ही फ्लाइंग ऑफिसर का पद हासिल करने का उनका सपना साकार हुआ।

इस उपलब्धि से उनके परिवार के सदस्य और आस-पड़ोस के लोग खुश हैं। गोपीनाथ की एक बहन है जो एक निजी कॉलेज में लेक्चरर के रूप में काम करती है। उनकी बहन गौरी ने  बताया कि हम सभी ने गोपीनाथ के भारतीय वायुसेना में एक फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कार्यभार संभालने का एक लाइव कार्यक्रम देखा और उन पर बहुत गर्व है।

गोपीनाथ के पिता सूरी बाबू सबसे गर्वित और खुश है उन्होंने कहा, “मैंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कड़ी मेहनत की थी और अब मेरे प्रयासों का फल मिल गया है।”

गोपीनाथ ने कहा, “सपने सच होते हैं अगर आप ईमानदारी से प्रयास करते हैं।”

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